N.P.R (नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर)
N.P.R (नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर)


N.P.R (नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर)

NPR में घर -घर जा कर एक रजिस्टर तैयार किया जायेगा जिसमे उस शहर व गांव के लोगो के नाम दर्ज किये जायेंगे।  अगर कोई शख्स छह महीने या उससे अधिक समय से स्थानीय क्षेत्र में रह रहा है तो उसे एनपीआर में अनिवार्य तौर पर खुद को रजिस्टर्ड कराना होगा। एनपीआर को दूसरे शब्दों में जनगणना कार्य भी कह सकते हैं।   जनसंख्या रजिस्टर का मतलब यह है इसमें किसी गांव या ग्रामीण इलाके या कस्बे या वार्ड या किसी  शहरी क्षेत्र के  इलाके में रहने वाले लोगों की जानकारी  शामिल होगी। 

लेकिन हमारे देश के कुछ बुद्धिजीवी लोग एनपीआर को  एनआरसी  से जोड़ते है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है , एनपीआर  जो है एनआरसी  से बिल्कुल  अलग है। नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर में तीन प्रक्रिया होंगी. पहले चरण यानी अगले साल एक अप्रैल 2020 लेकर से 30 सितंबर के बीच केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी घर-घर जाकर आंकड़े जुटाएंगे. वहीं दूसरा चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2021 के बीच पूरा होगा. तीसरे चरण में संशोधन की प्रक्रिया 1 मार्च से 5 मार्च के बीच होगी। एनपीआर  का मुख्य उद्शेय सरकारी योजनाओ का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचना और योजनाओ की  जांच करना है , इसके आलावा एनपीआर  को लागू  करके देश में  आतंकी गतविधियों को कम करा जा सकता है और देश की सुरक्षा में सुधार किया जा सकता है। इसके लिए केंद्र सरकार  की ओर से 8500 करोड़ रुपये की धन राशि मंजूर की गयी है  एनपीआर अपडेट करने की प्रक्रिया अप्रैल 2020 से शुरू होगी और ये 30 सितंबर 2020 तक चलेगा. इसमें असम के अलावा पूरे देश में घर-घर जाकर गणना के लिए काम किया जायेगा। 

जय हिन्द 


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